जींद. करीब दस दिन पूर्व कैथल पुलिस द्वारा घर से उठाए गए एक युवक की चंडीगढ़ के ण्क निजी अस्पताल में मौत हो जाने से बिफरे परिजनों से नरवाना के पास रोड जाम कर दिया और एसडीएम की अनुपस्थिति में तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच मैजिस्टेट से करवाने की मांग की है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नरवाना निवासी सुशील पुत्र अमृतपाल अपने मामा के पास पलम्बर का काम करता था। सूत्रों के मुताबिक दस दिन पूर्व कैथल पुलिस चार-पांच लड़कों को चोरी के आरोप में पकड़कर ले गई थी। जब लड़के के परिजन उनकी जानकारी लेने के लिए पहुंचे, उन्हें लड़कों से मिलने नहीं दिया गया। परिजनों का आरोप है कि युवक को पुलिस हिरासत में बूरी तरह से टार्चर किया गया था, जिसके कारण उसकी मोत हो गई। आज सुबह उन्हें एक सूचना मिली कि उनके लड़के सुशील की अस्पताल में मौत हो गई है। जब परिजन इसकी जानकारी लेने के लिए पुलिस थाने पहुंचे तो वहां उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली। इसके रोष स्परूप परिजनों में आक्रोश फैल गया और उन्होनें आनन-फानन में नरवाना रोड पर जाम लगा दिया। जाम स्थल पर पहुंचे डीएसपी ने दबी जुबान में यह बात स्वीकारी की युक्त लड़के की मृत्यु हो चुकी है। मृतक के परिजनों ने एसडीएम की अनुपस्थिति में तहसीलदार सुखदर्शन सिंह ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच पुलिस के बजाए मैजिस्टेट से करवाने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि जब तक इसकी जांच के लिए मैजिस्टेट नियुक्त नहीं किया जाता तब तक वे युवक के शव को नहीं उठाएंगे।
No comments:
Post a Comment