फतेहाबाद. जब बाड़ ही खेत को खाने लगे तो उस खेत का क्या हश्र होगा, इसका अंदाजा तो सहज लगाया जा सकता है। ऐसा ही एक वाक्या शहर के रतिया रोड पर देखने को मिला। सरकार द्वारा भंडारित किये गए जाने वाले अनाज को सुरक्षित रखने के लिए विभिन्न विभागों के माध्यम से इसकी खरीद करवाई जाती है। रतिया रोड स्थित एक एजेंसी द्वारा निजी प्लाट को लीज पर लेकर उसमें भंडारित किए गए अनाज को खुले में छोड़ रखा है। हालांकि अनाज को मौसम से सुरक्षित रखने के लिए उसको तिरपाल से ढ़का जाता है, लेकिन कथित तौर पर एक सुनियोजित सडयंत्र के तहत कुछ कर्मी बरसात के मौसम मे ढ़के गए गेहूं से तिरपाल उतार देते हैं, जिससे गेहूं भीग जाता है। सूत्र बताते हैं कि पहले तो अनाज को काले बाज़ार में बेच दिया जाता है . उसके पश्चात वजन पूरा करने के लिए बरसात में भीगने दिया जाता है। ऐसा ही कल रविवार को आई बरसात के बाद रतिया रोड पर देखने को मिला, जब गेहूं की बोरियां खुले में भिगती रही और एजेंसी के कर्मचारी मूक बने देखते रहे।
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