फतेहाबाद : हत्या, बलात्कार मामले में सीबीआई जांच में फंसे डेरा सच्चा सौदा चीफ गुरमीत सिंह के खिलाफ अब गवाहियों का दौर शुरू हो गया है। अम्बाला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में छत्रपति हत्याकांड के संदर्भ में अब तक पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के पुत्र अंशुल छत्रपति मुख्य बयान दर्ज करवा चुके हैं। डेरा सच्चा सौदा के हिंसक और उन्मादी अनुयायियों के संदर्भ में आवाज उठाने वाले सांध्य दैनिक 'लेखा-जोखाÓ (अब हरियाणा की गूंज) के सम्पादक मदन बंसल व कार्यकारी सम्पादक आरके सेठी भी महत्वपूर्ण गवाहों की सूची में शामिल हैं। इस कड़ी में 6 फरवरी 2010 को अम्बाला स्थित सीबीआई कोर्ट में पत्रकार आरके सेठी की अहम गवाही होने जा रही है। सांध्य दैनिक के सम्पादक मदन बंसल भी इसी कोर्ट के समक्ष अपने बयान दर्ज करवाएंगे। गौरतलब है कि वर्ष 2002 में सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा की एक साध्वी ने डेरा चीफ गुरमीत सिंह पर यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री को खत लिखा था। इस सिलसिले में फतेहाबाद से प्रकाशित सांध्य दैनिक 'लेखा-जोखाÓ के कार्यकारी सम्पादक आरके सेठी ने 6 जून 2002 समाचार पत्र में 'संत के खिलाफ उठता बवालÓ शीर्षक से एक रपट प्रकाशित की थी। इससे बौखलाए सैंकड़ों की तादाद में इकट्ठे हुए डेरा प्रेमी अनाजमंडी स्थित अखबार के दफ्तर में पहुंच गए और जमकर तोडफ़ोड़ की। जिससे लाखों रुपए का नुकसान हो गया। इस संदर्भ में सम्पादक मदन बंसल की शिकायत पर कुछ लोगों के खिलाफ विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत शहर थाने में केस दर्ज किया गया था। इस बात से खफा डेरा के लोगों ने भी पुलिस, प्रशासन और सरकार पर दबाव बनाकर सम्पादक मदन बंसल व कार्यकारी सम्पादक आरके सेठी के खिलाफ भी विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत केस दर्ज करवाया था।
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