रणधीर मताना
फतेहाबाद। प्रदेश सरकार ने सब्जी उपभोक्ताओं को सस्ती दरों पर सब्जी उपलब्ध करवाने व सब्जी उत्पादकों को लाभ पहुंचाने के लिए किसानों की अपनी सब्जीमंडी स्थापित करने की योजना तैयार की है। इस योजना के लिए हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने पत्र लिखकर सभी जिलो में अलग से किसानों की अपनी सब्जीमंंडी बनाने के बारे निर्देश जारी किए हैं, ताकि किसान व सब्जी उपभोक्ताओं को सीधा लाभ पहुंचाया जा सके। विभाग की यह योजना सफल होती है तो प्रत्येक जिले में किसानों की अपनी सब्जीमंडी होगीा। हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने फतेहाबाद में भी किसानों की अलग से अपनी सब्जीमंडी बनाने के बारे में मार्केट कमेटी को पत्र जारी किया है, ताकि यहां की स्थितियों का आकंलन किया जा सके। बोर्ड द्वारा जारी किए गए पत्र के मुताबिक सब्जीमंडी से बाहर किसानों की अपनी सब्जी मंडी लगेगी, जहां पर किसान अपनी सब्जी को खुद बेच सकेगा। इस सब्जीमंडी में किसानों को सब्जी बेचने के लिए किसी कमीशन एजेंट की जरूरत नहीं रहेगी और किसान अपनी मनमर्जी से बिना किसी दबाव के सब्जी बेच सकता है। अपनी सब्जीमंडी के कारण किसान व उपभोक्ता का सीधा संपर्क होगा और दोनों को फायदा होगा। उपभोक्ता को जहां किसानों की सब्जी खरीदने के लिए अलग से कमीशन नहीं देना पड़ेगा, वहीं सब्जी पर अलग से कमीशन न होने पर उपभोक्ता किसानों को उचित दाम देगा। बोर्ड द्वारा किसानों के लिए बनाई जाने वाली अपनी सब्जीमंडी की योजना अगर कामयाब होती है तो इससे किसानों व उपभोक्ता दोनों को काफी फायदा होगा।
क्या है मुश्किले
बोर्ड द्वारा किसानों के लिए बनाई जाने वाली अपनी सब्जीमंडी फतेहाबाद जैसे पिछड़े जिले में कामयाब होनी काफी मुश्किल हैं। यहां के किसान इतने अधिक जागरूक नहीं है कि वे अपनी सब्जी की बोली खुद कर सके। दूसरे उनके पास इतना समय भी नहीं होता कि वे सुबह जल्दी पहुंचकर सब्जी की बोली करवाएं। इसके साथ ही अधिकतर किसान अपनी सब्जी के लिए पहले से ही कमीशन एजेंटों से ऋण उधार लेते हैं और बाद में सब्जी बेचने के साथ उतारते रहते हैं। मार्केट कमेटी के सचिव कृष्ण कुमार काकड़ ने बताया कि सब्जीमंडी में कमीशन एजेंट दुकान भी इसलिए लेते हैं ताकि कमीशन कमाया जा सके। खुले में बोली होने पर मार्केट फीस में भी कमी आएगी।
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