Holi
Ampmnews Epaper
Tuesday, December 29, 2009
प्रेम प्रसंग: मामी को गोली मारकर भांजे ने गटका जहर
शराबी ने गटका जहर, मौत
प्रदेश में हो रहे हैं अभूतपूर्व विकास कार्य : दीपेंद्र
मोबाइल मार्केट बंद, मौन जुलूस निकाला
Saturday, December 26, 2009
कांग्रेस प्रत्याशी की जीत निश्चित: तंवर
बादलगढ़ में ठंड लगने से व्यक्ति की मौत
करंट से मजदूर झुलसा
माह मे दो-तीन बार ही खुलते हैं राशन डिपो
Friday, December 25, 2009
नशीली दवा बेचने का आरोपी रिमांड पर, सरगना की तलाश
चोरों ने आभूषणों सहित तिजौरी चुराई
वास्तविक पदों पर ही कार्य करेंगे रोडवेज कर्मी
इंटरसिटी सोशल क्लब ने दी क्रिसमस डे की शुभकामनाएं
Thursday, December 24, 2009
नकली दवाइयों का जखीरा बरामद
सफाई पर बवाल, लगाया जाम
थ्री व्हीलर पलटा, हादसा टला
23 सिपाही पदोन्नत होकर बने ईएएसआई
प्रथम सेमेस्टर परिणाम में टैगोर मॉडल स्कूल छाया
Wednesday, December 23, 2009
झारखंड त्रिशंकू विधानसभा की ओर, कांग्रेस गठबंधन आगे
सड़क किनारे अवैध अतिक्रमण पर चलेगा पीला पंजा!
ऐलनाबाद उपचुनाव कांग्रेस के लिए चुनौती!
चुनाव परिणाम में रही कसर को सुधार लेंगे: दूड़ाराम
Tuesday, December 22, 2009
शमशान घाट से 50 बच्चों के शव गायब, सनसनी
फतेहाबाद को बनाया विकास में नंबर 1: दूड़ाराम
महिला विकास की धूरी : डॉ. आभीर
मोबाइल संचालकों ने बंद रखी दुकानें
स्मारक के लिए जगह देने की घोषणा पर जताया आभार
Monday, December 21, 2009
परमाणु संयंत्र से मिलेगा रोजगार : दुड़ाराम
दुर्घटना में मोटरसाइकिल सवार की मौत
कृषि अधिकारियों ने भरे सेंपल
डॉ. प्रभा बत्तरा पंचतत्व में विलीन
Saturday, December 19, 2009
विभिन्न सड़क हादसों में 1 मरा, 15 घायल
सीबीआई टीम पहुंची सिरसा
नियोजित ग्राम योजना बंद
दूसरे के स्थान पर परीक्षा देता काबू
जीटी रेोड़ से हटवाया अतिक्रमण
Friday, December 18, 2009
प्लास्टिक बैंग को लेकर नगरपरिषद छापे, हड़कंप
मोबाइल दुकान में चोरी
एड्स व भ्रूण हत्या पर सेमिनार का आयोजन
बीएसएनएल ने पेश की 'उड़ान
Thursday, December 17, 2009
अध्यापक ने जड़ा मुख्याध्यापक के मुह पर तमाचा
जिला केसरी व कुमर के लिए दंगल
समाज में सुधार के लिए जागरुकता जरूरी
बीमार 11 छात्राओं को मिली छुट्टी
आधुनिक कृषि पद्धति को अपनाएं किसान : गिलाखेड़ा
Wednesday, December 16, 2009
संचार टावरों के लिए अब लाइसेंस जरूरी!
महमड़ा के पूर्व सरपंच को दस साल साल की सजा, 1 लाख जुर्माना
नर्सिंग कॉलेज की 11 छात्राएं बीमार, भर्ती
बैंकों की हड़ताल, करोड़ों का लेन देन प्रभावित
Tuesday, December 15, 2009
33 कॉलोनियों को अधिकृत करने का मामला अधर में
निर्माणधीन पुल की स्लैब गिरी, हादसा टला
अब उभरेंगी ग्रामीण खेल प्रतिभाएं
ग्रामीणों ने दी आत्मदाह की धमकी
Monday, December 14, 2009
बेरोकटोक चल रहा है आईएमईआई नंबर बदलने का गोरखधंधा
सिरसा में अब तक 28 मामले स्वाइन फ्लू के
हुसा द्वारा सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं
हुड्डा सरकार ने किसानों को किया आर्थिक तौर पर सुदृढ़
Saturday, December 12, 2009
शहर की दर्जनों कॉलोनियां होंगी वैद्य
नहर में गिरने से बेलदार की मौत
सीबीआई के विशेष जज को जान से मारने की धमकी
अध्यापक पात्रता परीक्षा संपंन
'जिन्दगी ने सांसद तंवर के समक्ष रखी सफाई व्यवस्था दुरूस्त करने की मांग
Thursday, December 10, 2009
रोजगार दिलाने में सहायक बना जिला पुस्तकालय
संदिग्ध परिस्थितियों में युवक की मौत
पैट्रोल पंप मालिक से 1.5 लाख लूटे
कुलदीप की दुकान जल्द बंद होगी : गर्ग
पैट्रोलियम पदार्थों की सप्लाई 16 को होगी बाधित
Wednesday, December 9, 2009
नकल पर हंगामा
कुलदीप बिश्नोई सौंपी याचिका
गौवंश की रक्षा के लिए बनेगा आयोग : हुड्डा
आयकर विभाग के छापे, हड़कंप
Tuesday, December 8, 2009
सोना हुआ महंगा, आम आदमी हुए परेशान
फतेहाबाद. लगता है कि सोना अब उन लोगों के लिए 'आधी रात का गहनाÓ नहीं बन पाएगा, जो इसे केवल इसलिए खरीदते थे कि मुसीबत के वक्त इसे बेचकर वे अपनी आर्थिक समस्या का समाधान कर लेंगे। सोने के दामों में आए भारी उछाल और पिछले पांच साल में हुई लगभग तीन गुणा वृद्धि ने उन लोगों के लिए भी मुसीबत खड़ी कर दीड्ड है जिन्हें अपने लड़के-लड़कियों की शादी करनी है। यही कारण है कि शादी में दिए जाने वाले गहने की मात्रा में भारी कटौती करनी पड़ रही है। हमारे समाज में आम आदमी के लेन-देन की प्रक्रिया काफी हद तक जेवरातों पर ही टिकी रही है। जब किसी आम आदमी पर आर्थिक मुसीबत आन पड़ती थी तो कोई रास्ता न सूझने पर उसे घर में बनवाकर रखे गए गहने उसकी उम्मीद को जिंदा कर देते थे। शायद इसीलिए आम आदमी किसी तरह एक-एक पैसा जोड़कर गहनों को इसलिए तवज्जो देता था कि मुसीबत के वक्त काम आ जाएं। यही कारण है कि सोने-चांदी के जेवरात को 'आधी रात का गहनाÓ भी का गया। परंतु जिस दौर में खाने-पीने की चीजों के दामों में ही 'आगÓ लगी है और अपने पेट की 'आगÓ बुझाना मुश्किल हो रहा है तो 'पीली धातुÓ के दाम सुनकर ही आम आदमी गश खाने लगता है। सोने के दाम 18 हजार रुपए प्रति तोला (प्रति 10 ग्राम) पहुंच चुके हैं जो अब तक का सर्वाधिक मूल्य है। ऐसे में आम आदमी के लिए सोने के जेवरात बनवाने की सोचना भी दिन में सपने लेने के समान हो गया है।
सोना केवल ब्याह-शादियों में दिए जाने वाले शगुन के तौर पर ही नहीं बल्कि आम आदमी इसे एक तरह से निवेश के तौर पर भी इस्तेमाल करता रहा है। अगर दो पैसे जोड़ लिए तो उनसे सोना खरीदकर रख लिया जाता है ताकि बाद में अच्छे दाम मिलने पर बेचा जा सके। हालांकि सोने के दामों में आया भारी उछाल उन उनके लिए लकी साबित हो रहा है, जिन्होंने पिछले पांच साल के दौरान सोने की खरीद की थी, परंतु निवेशक के तौर पर अब मध्यम या गरीब तबके के लोगों से सोना खरीदना पहुंच से दूर हो गया है।
'गरीबी का मारा आम आदमी गंभीर चिंता में है। उसका कहना है कि महंगाई के कारण मजदूरी से घर खर्च चल नहीं पा रहा है तो दूसरी तरफ बेटी के ब्याह की चिंता उसे अंदर ही अंदर दीमक की तरह चाट रही है। कारण साफ है- अगर बेटी को एक-दो तोला सोने का जेवरात नहीं चढ़ाया तो समाज में उसकी 'इज्जतÓ नहीं रहेगी, वहीं ससुराल में की दहलीज पर बेटी 'फक्रÓ से कदम नहीं रख पाएगी। पर सोने के दाम तो आसमान छू गए है 'पीली धातुÓ के बिना बेटी के हाथ 'पीलेÓ कैसे होंगे? इसका समाधान फिलहाल उसके पास नहीं है।Ó वहीं खेतीहर मजदूर रतन सिंह बताता है कि उसने तीन एकड़ जमीन में एक चौथाई पर फसल काश्त की थी। जिससे उसके हिस्से में 12 हजार रुपए आए। उसकी पत्नी का विचार था कि इस पैसे से कोई जेवरात बनवाकर रख लेंगे, परंतु रतन सिंह बाजार में सोने का भाव पता करने गया तो दबे पांव घर लौट आया। अब सोना खरीदना उसके वश की बात नहीं है। रतन सिंह जैसे मेहनतकश लोग एक-एक पैसा जोड़कर सोने का जेवरात इसलिए बनवाकर रख लेते हैं कि मुसीबत के समय यह काम आ सके, परंतु अब मुसीबत का समाधान ही मुसीबत बन गया है!Ó
भवन निर्माण कामगारों ने दिया धरना
फतेहाबाद/भूना. भवन निर्माण कामगार यूनियन की तरफ से स्थानीय अंबेडकर पार्क चौक पर तेलू राम के नेतृत्व में प्रदर्शन किया और उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमँत्री व मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। इस मौके पर तेलू राम ने कहा कि आज कानूनों का सरेआम उल्लंघन हो रहा है। मजदूरों की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। उन्होंने कहा कि 1979 के प्रवासी मजदूर कानून के तहत प्रवासी मजदूरों को भी सुरक्षा प्रदान की जाए। इस अवसर पर राजकुमार, दलबीर आजाद, राजेश चौबारा, महेंद्र, विनोद रामसरा, रोहताश, नफे सिंह आदि मौजूद थे। उधर भूना में भी भवन निर्माण कामगार यूनियन द्वारा बीडीपीओ कार्यालय में धरना दिया गया। और बीडीपीओ यश शर्मा को ज्ञापन सौंपा गया।
रोडवेज कर्मचारियों ने दिया धरना
बदहाल है मेन बाजार की सफाई व्यवस्था
फतेहाबाद. नगर परिषद प्रशासन शहर में साफ सफाई और सुंदरता के कितने ही दावे क्यों न करे, लेकिन स्थानीय मेन बाजार में हर समय रहने वाले सीवरेज के गंदे पानी का जमाव नगर परिषद की पोल खोलता है। हालात यह है कि हर समय सीवरेज का गंदा पानी इस रोड जमाव रहता है और सड़क पर जमे गंदे पानी में सुअर आदि विचरते रहने से वहां पर हर समय गंदगी फैली रहती है। जिसकी दुर्गंध के कारण आसपास के लोगों व वहां से गुजरने वाले राहगीरों के लिए सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है। काबिलेजिक्र है कि इस सड़क से होकर ही लोग शहर के बड़े गुरुद्वारा, खाटू श्याम मंदिर, हनुमान मंदिर, श्री गणेश मंदिर, शाहमीर पीर की मजार, काली माता मंदिर, शनि मंदिर पर शीष नवाते हैं और अपने मन्नतें मांगने के लिए गुजरते हैं, लेकिन रास्ते में पडऩे वाली इस सड़क पर सीवरेज का गंदा पानी जमाव रहने से धार्मिक स्थानों पर जाने वाले लोगों की आस्था को भारी ठेस पहुंचती है। सामाजिक कार्यकर्ता दलीप निर्मल ने बताया कि सड़क पर सीवरेज के गंदे पानी के जमाव रहने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। गंदे पानी की दुर्गंध व जमाव से भारी संख्या में मच्छर पैदा होने से लोगों में भयंकर बीमारी फैलने की आशंका भी बनी रहती है। उन्होंने बताया कि इस रोड के निवासियों में इस समस्या बाबत नगर परिषद व जिला प्रशासन को बार-बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन आजतक इसका स्थायी हल नहीं निकल पाया है।
असुरक्षित है लधु सचिवालय
रणधीर मताना
फतेहाबाद। दूसरों को नसीहत, खुद की मियां फजीहत। कुछ ऐसा ही हो रहा है जिला प्रशासन के साथ, जहां शहर में आग से होने वाले खतरे से बचने के लिए सभी होटलों, धर्मशालाओं व स्कूलों को अग्नि शमन यंत्र रखने के प्रबंध करने के सख्त आदेश दिए गए हैं, लेकिन शहर की सबसे महत्त्वपूर्ण इमारतों में शुमार लघु सचिवालय भवन आग लगने पर किसी भी तरह से सुरक्षित नहीं है। इस विशाल इमारत में लगाए गए सभी अग्नि शमन यंत्रों का उचित प्रबंध न होने के कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है और भीड़-भाड़ वाले लघु सचिवालय में डबवाली कांड जैसी घटना दोहराई जा सकती है। शायद जिला प्रशासन भी इसी बात का इंतजार कर रहा है तभी तो लघु सचिवालय में लगाए गए यंत्रों की तरफ किसी भी अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया। अलबता अब जिला प्रशासन की तरफ से अब एक पत्र जारी किया गया है। इस पत्र के मुताबिक शहर में बनी धर्मशाला, होटल व स्कूल को अग्नि श्मन यंत्र रखने होंगे, ताकि किसी प्रकार की कोई दुर्घटना ना हो। इसके लिए डीसी ने सख्त आदेश भी दिए हैं कि यदि होटल, धर्मशाला व स्कूल संचालक समय पर अग्नि श्मन यंत्र नहीं लगवाए या वे सही नहीं पाए गए तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। लेकिन लघु सचिवालय में खराब पड़ी व्यवस्था के लिए कौन जिम्मेवार है और वह कब ठीक हालत में हो पाएगी। इसका शायद किसी के पास कोई जबाव नहीं है, अलबता इसकी देखरेख के लिए 2003 में बनाई गई कमेटी ने भी आज तक इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। भले ही उस समय कमेटी में शामिल जिला फायर अधिकारी ने इस ईमारत को अग्नि श्मन यंत्रों की खराबी के कारण इसे असुरक्षित घोषित कर दिया था। लघु सचिवालय की विशाल ईमारत की तरफ गौर करें तो आग को बुझाने के लिए प्राथमिकता के तौर पर यहां अग्नि शमन यंत्रों के साथ-साथ स्मोक डिटक्टर, हीट डिटक्टर, आटोमेटिक सिस्टम कलर सहित तीन मंजिला इमारत में पानी पहुंचाने के लिए पाइपें भी लगाई गई है, लेकिन आग बुझाने के लिए लघु सचिवालय में कोई भी सिस्टम चालू नहीं है। सचिवालय की तीनों बिल्डिंगों में लगाए गए दो दर्जन से अधिक अग्नि शमन यंत्रों में से अधिकतर खराब हालत में है। इन अग्नि यंत्रों को वर्ष 2000 में लगाए गया था और इन्हें 2002 में दौबारा से भरा जाना था, लेकिन आज तक इन्हें किसी ने चैक नहीं किया। सचिवालय में लगे अग्नि शमन यंत्रों पर अभी भी भरने की तिथि 2000 व अंतिम तिथि 2002 लिखी हुई है। शायद ही ऐसा कोई यंत्र होगा जिसमें आग बुझाने लायक गैस हो। इनमें से काफी यंत्रों पर स्प्रींग नहीं है तो कुछ की पाइपें टूटी हुई है। इन यंत्रों के अलावा सुरक्षा के लिहाज से लगाए गए स्मोक डिटक्टर से शायद कभी अलार्म बजी हो। इस यंत्र से आग लगने के बाद उठने वाले धुएं से अलार्म बज उठता है, लेकिन देखभाल न होने के कारण वे खराब पड़े हैं। हीट सिस्टम भी खराब है जिसमें आग लगने से लगाया गया बल्ब अपने आप फूट जाता है और पाइपों से पानी निकल पड़ता है। इसके साथ ही उपरी मंजिलों पर पानी पहुंचाने के लिए लगाए गए पाइपें भी रख-रखाव के अभाव में टूटे हुए हैं। इस हालात में यदि किसी कारण से लघु सचिवालय की इमारत में कहीं भी आग लग जाती है तो उपर की बिल्डिंग में पानी कैसे पहुंचेगा, इसका जबाव किसी के पास नहीं है।
Wednesday, December 2, 2009
अब नहीं बच पाएंगे बिजली चोर
फतेहाबाद। बिजली चोरों पर अकुंश लगाने व डिफाल्टरों से पैसा इक्टठा करने के लिए दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने एक विशेष योजना तैयार की है, जिसके तहत प्रदेश में 138 टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें न केवल बिजली चोरी के केस पकडेगी, बल्कि बकायादारों से बिजली बिल भी इक्ट्ठा करेगी। विभाग के मैनेजिंग डायरैक्टर अनुराग अग्रवाल ने प्रदेश के सभी जिलों के बिजली अधिकारियों को पत्र जारी करके योजना को शीघ्र लागू करने के निर्देश दिए हैं। पत्र के मुताबिक सब डिवीजन पर दो टीमनें गठित की जाएगी, जो इस अभियान को चलाएगी। इन टीमों के अधिकारियों के पास यह पावर भी होगी कि ये बिजली चोरों पर जुर्माना लगाने के साथ ही एफआईआर भी दर्ज करे। टीम डिफाल्टर द्वारा मौके पर ही बिजली भूगतान करने पर उसका केस रद्द भी कर सकती है। टीम के अधिकारी बिजली चोरी पकड़े जाने व बिजली का बकाया बिल न भरने वाले डिफाल्टरों का कनैक्शन भी मौके पर ही काट सकते हैं।
जिदंगी संस्था ने किया स्कूल का निरीक्षण
फतेहाबाद: समाजसेवी संस्था जिंदगी की टीम ने आज स्वच्छ फतेहाबाद, स्वच्छ समाज बनाने मुहीम के तहत संस्था अध्यक्ष हरदीप सिंह व मुख्य संरक्षक सुरेन्द्र नायक के नेतृत्व में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय स्कूल प्रांगण का दौरा किया। इस दौरान जिन्दगी संस्था टीम ने पाया कि स्कूल प्रांगण चारों तरफ से कूड़े के ढेर में तबदील हो चुका है। संस्था पदाधिकारियों ने स्कूल प्रांगण में व्याप्त इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी व सम्बन्धि विभाग के अधिकारियों से तुरंत समाधान की मांग की है। संस्था के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि शिक्षा विभाग द्वारा इन समस्याओं की तरफ ध्यान नहीं दिया गया तो संस्था इन समस्याओं को जिला प्रशासन के समाने उठाएगी, ताकि उसका समय पर समाधान हो सके।
सड़ी गली रूढिय़ों के खिलाफ आवाज उठानी होगी : स्वामी दिव्यनंद
राज्य सरकार द्वारा विकलांगों के लिए नई योजना
चंडीगढ़,हरियाणा सरकार ने प्रदेश में विकलांगों, वरिष्ठ नागरिकों एवं बच्चों के विकास एवं उत्थान पर विशेष बल देने के लिये 'जवाहर सोशल इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशनÓ नामक एक नई योजना क्रियान्वित की है तथा इस योजना के तहत तीन वर्षों के लिये 150 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। विश्व विकलांग दिवस की पूर्व संध्या पर आज यहां जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने कहा कि अपनी तरह की इस पहली योजना के तहत नेत्रहीनों, मूक एवं बधिरों, शारीरिक रूप से विकलांग लोगों, मानसिक विक्षिप्तों, वरिष्ठ नागरिकों तथा बच्चों के लाभार्थ जिला स्तर पर विशेष स्कूल या संस्थान स्थापित किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत नेत्रहीनों के लिये 10 विद्यालय, मूक एवं बधिरों के लिये आठ विद्यालय, मानसिक विक्षिप्तों के लिये छ: विद्यालय, तीन राज्य स्तरीय संस्थान, मानसिक विक्षिप्तों के लिये दो गृह, वरिष्ठ नागरिकों के लिये चार गृह, छ: बाल गृह तथा 21 व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किया जाना सक्रिय रूप से प्रक्रियाधीन है। उन्होंने कहा कि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तथा प्रस्तावित भवनों के नक्शे पहले ही तैयार किये जा चुके हैं। मानसिक विक्षिप्तों के लाभार्थ 'घरौंदाÓ नामक एक अन्य योजना क्रियान्वित की गई है ताकि उन्हें आश्रय उपलब्ध करवाया जा सके। गरीबी रेखा से ऊपर जीवनयापन कर रहे मानसिक विक्षिप्त आठ लाख रुपये की राशि अदा करके इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। राज्य सरकार ने चालू वित्त वर्ष के दौरान इस योजना के क्रियान्वयन के लिये एक करोड़ रुपये निर्धारित किये हैं। हरियाणा की सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्रीमती गीता भुक्कल ने विकलांगों के लिये कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन जारी रखने की राज्य सरकार की कटिबद्धता को दोहराया है।