Friday, January 8, 2010

प्रापर्टी डीलरों पर कसा शिंकजा

रमेश जोइया
फतेहाबाद. प्रोपर्टी डीलर एवं प्रोपर्टी कंसल्टैंसी का कार्य करने वालों को अब लाइसेंस की आवश्यकता होगी। बिना लाइसेंस के कार्य करता पाए जाने वालों को हरियाणा रेगुलेट प्रोपर्टी डीलर एवं कंलस्टेंट फंग्शनिंग एक्ट एंड रूल्स 2008 की धारा 17(2) के तहत 50 हजार रुपए का जुर्माना भुगतना पड़ेगा। यह लाइसेंस प्राप्त करने के लिए लाइसेंसी प्रूफ के अतिरिक्त फोटो, अंगूठे का निशान, चरित्र प्रमाण पत्र, अंडरटेकिंग प्रमाण पत्र, दो जमानती, परिसर का पता और निर्धारित फीस विभाग को जमा करवानी होगी। सभी लाइसेंसशुदा प्रापर्टी डीलरों को अपने कार्यालयों में प्रदर्शित करना होगा।
इस संदर्भ में वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव राजस्व विभाग नरेश गुलाटी ने 27 दिसंबर को भेजे एक पत्र के माध्यम से प्रदेशभर के उपायुक्तों को इस अधिनियम को सख्ती से लागू करने के साथ-साथ इसकी रिपोर्ट मुख्यालयों को भेजने के निर्देश दिए हैं। सूत्रों के अनुसार इस अधिनियम के लागू होने के बाद अब तक जिला मुख्यालय पर कोई भी आवेदन नहीं आया है। पत्र में कहा गया है कि इस अधिनियम के लागू होने के बावजूद भी प्रापर्टी डीलर बिना वैध लाईसेंस के अपना कारोबार जारी रखे हुए हैं जो अब गैर कानूनी है। उल्लेखनीय है कि इस अधिनियम की धारा 17(2) के तहत बिना वैध लाइसेंस के व्यक्तिगत/कंपनी, सोसायटी के तौर पर डीलर का कार्य करने वाले को 50 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान है। इस अधिनियम के बाद सभी रियल एस्टेट डैवलपर्स और बिल्डर्स भी रजिस्टर्ड और लाईसेंस प्राप्त डीलरों से ही खरीद फरोख्त कर सकते हैं। इस एक्ट के तहत व्यक्तिगत डीलर के लिए लाइसेंस फीस 25 हजार रुपए और सोसायटी/कंपनी के लिए 5 से 10 हजार रुपए रखी गई है। लाइसेंस की अवधि 5 साल की होगी। इसके पश्चात इसका नवीनीकरण आवश्यक होगा। एक्ट के तहत लाइसेंस शुदा प्रापर्टी डीलर एक प्रतिशत कमीशन लेने के हकदार होंगे जो प्रापर्टी क्रेता और विक्रेता से आधा-आधा प्रतिशत वसूलेंगे। लीज और रेंट अचल संपंति पर कमीशन दोनों पार्टियों से 1 महीने का किराये के बराबर होगा। सरकारी और अर्धसरकारी कर्मचारी इस लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे। इस एक्ट में यह भी प्रावधान है कि प्रापर्टी के खरीद बेच में यदि कोई विवाद उत्पन्न होता तो पीडि़त व्यक्ति कलैक्टर को प्रार्थना पत्र देगा और कलैक्टर विवाद का निपटारा करेगा। इस एक्ट की उल्लघंना करने पर प्रापर्टी डीलर को पहली दफा में 50 हजार रुपए और दोबारा करने पर 1 से 1.50 लाख जुर्माना हो सकता है। जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन जिले में प्रापर्टी डीलिंग का कार्य करने वाले प्रापर्टी डीलरों का सर्वे करवाने जा रहा है। और शीघ्र ही लाइसेसं प्रक्रिया आरंभ होने की संभावना है।

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