Thursday, January 14, 2010

तानाशाही: कब्जा मिला नहीं और किराया शुरू

फतेहाबाद. जिला प्रशासन के आदेशों की अवहेलना है या दुकानदारों की 'तानाशाहीÓ है, जिसके चलते पंचायत समिति की दो दुकानें नए किराएदारों को 15 दिन बाद भी नहीं मिल पाई है। इसके कारण न केवल नए किराएदारों को काफी नुक्सान उठाना पड़ा है, बल्कि दुकाने के उद्घाटन के समय दुकान खाली न होने के कारण 'फजिहतÓ का भी सामना करना पड़ रहा है। मिली जानकारी के अनुसार नेशनल हाइवे पर पुराने बस स्टैंड के सामने पंचायत समिति की कुछ दुकानों की बोली 28 दिसंबर 2009 को हुई थी। इन दुकानों का कब्जा एक जनवरी 2010 को नए दुकानदारों को देना था। इन दुकानों में से 14 नंबर दुकान वेदप्रकाश व 18 नंबर दुकान होशियार सिंह ने बोली पर छुटवाई थी। वेदप्रकाश को यह दुकान तीन हजार रुपए प्रतिमाह के किराए पर मिली थी, जबकि होशियार सिंह को साढे चार हजार रुपए मासिक किराए पर मिली थी। होशियार सिंह का आरोप है कि उसे एक जनवरी को कब्जा मिलना था और उसने इस दुकान में जूस कार्नर की दुकान खोलने के लिए 4 जनवरी को उद्घाटन के लिए कार्ड भी छपवा लिए थे। इसी प्रकार से वेदप्रकाश ने भी बाला जी मिष्ठान भंडार के लिए 3 जनवरी को उद्घाटन का समय रख दिया था। लेकिन पहले से बैठे दुकानदारों द्वारा दुकान खाली नहीं की गई, जिसके कारण दोनों नए किराएदारों को काफी मानसिक व आर्थिक नुक्सान उठाना पड़ा। इस बारे में जब बीडीपीओ रमेश कुमार से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि इस बारे में शिकायत मिलते ही तुरंत कार्रवाई करवाई जाएगी।

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