Friday, September 30, 2011

बजट का अभाव: धूल फांकती फाइलें

रणधीर मताना
फतेहाबाद. जिले के लोगों में जागरूकता की कमी व ग्रांट के अभाव के चलते सैकड़ों लोगों को सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई जाने वाली कल्याणकारी सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। हालात यह है कि कल्याण विभाग में पिछले दो महीनों से कोई बजट न होने से सैकड़ों फाइलें कार्यालय की धूल चाट रही है और आवेदकों को अपना काम करवाने के लिए विभाग के कई-कई चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। अधिकारियों की माने तो जिला कल्याण विभाग में अकेले इंदिरा गांधी प्रियदर्शनी कन्या शगुन योजना के तहत ही पिछले दो महीने में करीब 300 फाइलें वजट के अभाव में अलमारियों में बंद पड़ी है, जबकि सूत्रों के मुताबिक ऐसी फाइलों संख्या 500 से कहीं अधिक है। इसके अलावा जागरूकता की कमी के चलते अंतर्राज्यीय विवाह योजना के तहत भी इस वित्त वर्ष में केवल 4 लोगों ने ही इस योजना के लिए आवेदन किया था। भले ही कन्या विवाह शगुन योजना का लाभ उठाना अब सरल हो गया हो। इस योजना के तहत एक अप्रैल 2011 से अब तक करीब 975 लोगों ने इस योजना का लाभ उठाने के लिए अपना आवेदन किया है। इन आवेदनों में 675 लोगों को योजना का लाभ मिल चुका है, लेकिन 300 फाइलें अभी भी बजट के अभाव में अलमारियों में बंद पड़ी है। इस योजना का लाभ लेने के लिए बीसी व जनरल को 11 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जबकि एससी व विधवा को 31 हजार रुपए का अनुदान दिया जाता है। योजना का लाभ केवल वही दंपति उठा सकते हैं, जिनमें लड़की की आयु कम से कम 18 वर्ष और लड़के की आयु कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए। दूसरी तरफ अंतरजातिय विवाह योजना के तहत जिले में अब तक केवल चार लोगों द्वारा ही अपना आवेदन किया गया था, जिन्हें यह लाभ मिल गया है। इस योजना में लड़का व लड़की में एक एससी से संबंधित होना चाहिए। ऐसे लोगों को विभाग द्वारा 50 हजार रुपए का अनुदान प्रदान किया जाता है। इस आर्थिक सहायता में 20 हजार रुपए नकद प्रदान किए जाते हैं, जबकि 30 हजार रुपए की एफडी संयुक्त रुप से दंपित के नाम की जाती है।
नहीं है बजट : चंादीराम
जिला कल्याण अधिकारी चांदीराम ने बताया कि बजट न होने से कुछ परेशानी बढ़ी है। इससे कुछ आवेदकों को अभी तक योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। जल्द ही बजट मिलने पर सभी आवेदकों को योजनाओं का लाभ मिलेगा। दूसरी तरफ अंतरजातीय विवाह में संकोच व जागरूकता के अभाव के चलते अधिकतर लोग आवेदन नहीं करते।
सरल नियमों से मिलेगा फायदा
कन्या विवाह शगुन योजना के नियम सरल होने से आवेदकों को फायदा होगा। इस योजना के लिए अब विवाह का रजिस्ट्रेशन जरूरी नहीं है। इसके अलावा ब्लैंक चैक व गार्टंर की जरूरत भी नहीं रही। जाति प्रमाण पत्र के स्थान पर सरपंच द्वारा सत्यापित कागज भी जाति प्रमाण पत्र के लिए काम करेगा।

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