Saturday, July 2, 2011

फर्जी स्थानांतरण में फतेहाबाद का लेक्चरर संलिप्त, जांच शुरू

रणधीर मताना
फतेहाबाद. शिक्षा विभाग द्वारा अध्यापकों के स्थानांतरण के लिए आनलाइन रजिस्टेशन में फर्जीवाड़ा करके गलत तरीके से करीब 6 हजार अध्यापकों का स्थानांतरण आवेदन भरने के मामले में फतेहाबाद के एक लेक्चरर के संलिप्त होने का मामला प्रकाश मेें आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम की टीम जांच में जुटी हुई है। जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग ने चालू शैक्षणिक सत्र के दौरान अध्यापकों की सुविधा हेतु ऑनलाइन स्थानांतरण आवेदन मांगे थे। ये आवेदन वही अध्यापक भर सकते थे, जो तीन साल से एक स्थान पर अध्यापन का कार्य कर रहे थे। स्थानांतरण के लिए आनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 जून रखी गई थी, लेकिन जब विभाग को यह जानकारी मिली कि कुछ ऐसे आवेदन भी आनलाइन रजिस्ट्रड हुए हैं, जो कि प्रार्थी के बजाए किसी अन्य द्वारा भरे गए है। स्थानांतरण आवेदन में फर्जीवाडे की सूचना मिलने पर विभाग के अधिकारियों के होश उड़ गए और उन्होंने इन फर्जी आवेदनों को निरस्त करने के लिए 20 जून तक सभी अध्यापकों से दोबारा रजिस्टेशन आवेदन करने की बात कही थी ताकि सभी को यह जानकारी मिल सके कि किसके गलत आवेदन भेजे गए हैं। इसके साथ ही शिक्षा विभाग ने फर्जी स्थानांतरण के मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर क्राइम को मामला सौंप दिया था। सूत्रों की माने तो इस मामले में हिसार के दो साइबर कैफे संचालकों के अलावा फतेहाबाद के एक लेक्चरर के भी संलिप्त होने की आशंका है। लेक्चरर भूना के किसी स्कूल में अध्यापन का कार्य कर रहा है। इस मामले में जब एसपी विवेक शर्मा से बातचीत की गई तो उन्होंने स्वीकार किया कि इस तरह का मामला सामने आया है। उन्होंने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर क्राइम इसकी जांच करने में जुटी हुई है, लेकिन अभी तक किसी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया है।

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