Tuesday, July 5, 2011

तांत्रिक ने बिगाड़ा महिला का मानसिक संतुलन

रणधीर मताना
फतेहाबाद. साक्षरता में पिछड़े जिले में लोग अब भी किसी बीमारी से ठीक होने के लिए डाक्टर के बजाए तंत्र-मंत्र व झाड़-फूंक का सहारा लेने से बाज नहीं आते, भले ही इसके लिए उन्हें कितनी भी बड़ी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े। बीते दिन भी कुछ ऐसी ही रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना भूना के रायपुर ढाणी के पास बने एक मंदिर में घटी, जहां एक पांखडी बाबा ने तीन महिलाओं के साथ मिलकर एक विवाहिता को भूत के प्रभाव वे बचाने के लिए उसके बाल उखाड़ लिए और दरवाजे पर पटक-पटक कर बेहोश कर दिया। बाद में उसे गंभीर हालत में हिसार के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। परिजन जब पांखडी बाबा के खिलाफ शिकायत करने थाना में पहुंचे तो पुलिस ने मामला दर्ज करने से भी मना कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार कुछ दिन पूर्व रायपुर ढाणी निवासी सुनीता के सिर में दर्द हो गया, जिसके लिए वह दवाई ले रही थी। सुनीता के परिजनों ने बताया कि एक दिन झाडफ़ूंक करने वाला बाबा उसके घर आया और सुनीता पर भूत का साया होने की बात करने लगा। डरे हुए परिजन विवाहिता को मंदिर में ले गए, जहां पाखंडी बाबा ने तीन महिलाओं के साथ मिलकर सुनीता का इलाज करने के बहाने उसके सिर के बाल उखाड़ दिए। इतना ही नहीं उन्होंने उसे दरवाजे से पटक-पटक कर बेहोश कर दिया। इसके कारण सुनीता का मानसिक संतुलन भी बिगड़ गया। मौके पर पहुंचे परिजनों ने उसे हिसार के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। परिजनों का कहना है कि जब वे उक्त पांखड़ी बाबा के पास गए तो उसने पंचायत में स्वीकार किया कि उससे गलती हुई है और वह विवाहिता की बीमारी पर लगने वाला खर्च वहन करेगा। उन्होंने भूना थाने में शिकायत की तो वहां तैनात पुलिस कर्मचारियों ने यह कहकर शिकायत लिखने से मना कर दिया कि एसएचओ साहब यहां नहीं है, उनके आने के बाद ही देखेंगे। इस बारे में जब थाने के मुंशी से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि उनके पास कोई शिकायत नहीं आई, अगर आएगी तो वे कार्रवाई करेंगे।



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