फतेहाबाद/प्रदीप शर्मा. गांव हांसपुर से आगे लौहगढ़ के पास भंाखड़ा से निकलने वाली सुखचैन नहर में करीब 100 फुट चौड़ी दरार आने से 2500 एकड़ भूमि जलमग्न हो गई। सूचना मिलने पर जिला प्रशासन के अधिकारियों में हडकंप मच गया और आनन-फानन में विभाग के अधिकारी व कर्मचारी नहर को पाटने के लिए मौके पर पहुंचे गए। सूचना मिलने पर एसडीएम रतिया भी स्थिति का जायजा लेने के लिए मौकास्थल पर पहुंच गए। मिली जानकारी के अनुसार भाखड़ा से लौहागढ़ होते हुए सुखचैन नहर पंजाब में चली जाती है। बीती रात इस नहर में लौहागढ़ के पास दरार आ गई। यह दरार धीरे-धीरे बढ़ती हुई करीब 100 फुट चौड़ी हो गई। सूचना मिलने पर आसपास के गांव के काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और उन्होंने नहर को पाटने का काम शुरू कर दिया। दरार बड़ी व पानी का बहाव तेज होने के कारण उनका प्रयास असफल होता जा रहा था। इसी दौरान प्रशासन को भी नहर के टूटने की जानकारी मिल गई। सूचना मिलने पर विभाग के कर्मचारी, अधिकारी के अलावा रतिया एसडीएम भी मौके पर पहुंच गए। विभाग के कर्मचारियों ने ग्रामीणों के सहयोग से नहर को पाटने का काम शुरू कर दिया। प्रशासन द्वारा नहर को पाटने के लिए जेबीसी मशीन का सहारा भी लिया। आखिरकार 12 घंटे की मेहनत के बाद कर्मचारी नहर को पाटने में कामयाब हो गए। नहर के टूटने के कारण करीब 2500 एकड़ भूमि जलमग्न हो गई और पानी गांव हांसपुर के समीप तक पहुंच गया।
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