बाढ़ बचाव के लिए नहीं होगी यंत्रों की कमी
रणधीर मताना
फतेहाबाद घग्घर के किनारे बसे किसानों को हर वर्ष बारिश का मौसम शुरू होते ही बाढ़ की चिंता सताने लगती है। जैसे-जैसे घग्घर नदी का जलस्तर बढ़ता है, बाढ़ की आशंका को लेकर किसानों की सांसे भी तेज हो जाती है। पिछले वर्ष भी बरसात का मौसम शुरू होते ही घग्घर का जलस्तर बढ गया और बाद में बाढ़ ने क्षेत्र में भयंकर तबाई मचाई। जिला प्रशासन के पास भी बाढ़ से निपटने के लिए खोखले दावों के अलावा पुख्ता प्रबंध नहीं थे, लिहाजा 37 करोड की संपति का नुक्सान जिलावासियों को उठाना पड़ा। इस वर्ष भी बरसात का मौसम शुरू होने के साथ ही घग्घर का जलस्तर भी धीरे-धीरे बढ़ रहा है, जिसके चलते किसानों को बाढ़ की तबाई का मंजर नजर आने लगा है। भले ही पिछले वर्ष की तुलना में अभी तक बरसात ज्यादा नहीं हुई हो, लेकिन बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ की आशंका को लेकर जहां रंगाई नाले की सफाई व मुरम्मत का काम काफी पहले ही करवा लिया था, वहीं अब नए यंत्र मिलने से बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है। बाढ़ के समय उपयोग होने वाले यंत्रों की मुरम्मत का कार्य करवाने के अलावा इन यंत्रों का चलाने के प्रशिक्षित कर्मचारियों की नियुक्ति भी विभाग द्वारा की जा चुकी है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष प्रशासन के पास न तो बाढ़ से निपटने के लिए पूरे यंत्र थे और न ही पहले पूरी तैयारी, जिससे बाढ़ ने करीब 37 करोड़ रुपए की संपति को निगल लिया था, जिसमें 35 करोड़ 79 लाख 60 हजार 500 का फसली, 76 लाख 17 हजार 500 का मकानों व 85 लाख 80 हजार का ट्यूब्वैलों को नुक्सान हुआ था।
पिछले वर्ष खराब थी स्थिति
पिछले वर्ष विभाग के पास 13 किश्तियां थी, जिसमें से 4 की हालत खस्ता थी। चार मोटरबोट में सें दो व, दो ट्रेलर में से एक ट्रेलर खराब था। इसके अलावा 44 लाइफ जैकेट थी। विभाग को अब एक नई किश्ती, 20 लाइफ जाकेट, 10 चप्पू, 8 कुंडे व दो इंजन और नए दिए गए हैं, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन तैयार है।
सेक्टरों में बांटे गांव
जिला प्रशासन से बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए बाढ़ आशंकित गांवों को सेक्टरों में बांटा गया है। इन सेक्टरों में एक अधिकारी की नियुक्ति की गई है, जो कि इन गांवों पर नजर रखेगा। प्रत्येक अधिकारी के लिए तीन से चार गांव का एक सेक्टर बनाया गया है।
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