Tuesday, April 5, 2011

लिंगानुपात में जिला दूसरे पायदान पर

चंडीगढ़. लिंगानुपात के मामले में जिले में रिकार्ड सुधार हुआ है, जिसके बलबुते फतेहाबाद लिंगानुपात में हजार पुरूषों के पीछे 903 का आंकड़ा दर्ज कर प्रदेश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है व 906 का आंकड़ा प्राप्त कर जिला मेवात प्रथम पायदान पर आ गया है। जबकि जिला सोनीपत व गुडगांव लिंगानुपात के मामले में 853 के आंकड़ के साथ सबसे निचले पायदान पर पहुंच गए है। जनगणना अभियान, हरियाणा की निदेशक श्रीमती नीरजा शेखर ने पत्रकारों से बातचीत करते हु़ए बताया कि हरियाणा में वर्ष 1901 से लेकर अब तक का यह सर्वाधिक लिंगानुपात है।
उन्होंने बताया कि शून्य से छ: वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों के सर्वाधिक लिंगानुपात के मामले में मेवात में यह लिंगानुपात 903, पलवल में 862 और सिरसा में 852 रहा। जिला झज्जर में शून्य से छ: वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों का न्यूनतम लिंगानुपात दर्ज किया गया, जो 774 है और महेन्द्रगढ़ में यह लिंगानुपात 778 और सोनीपत में 790 रहा। इस दशक के दौरान महेन्द्रगढ़ एवं रिवाड़ी को छोड़ कर, शेष सभी जिलों ने अपने लिंगानुपात में सुधार दिखाया है। महेन्द्रगढ़ मेें यह लिंगानुपात 24 अंकों की कमी के साथ 918 से घट कर 894 और रिवाड़ी मेंं एक अंक की कमी के साथ 899 से घटकर 898 हो गया है। उन्होंने बताया कि महिला साक्षरता में जिला गुडग़ांव में 84.44 की सर्वाधिक साक्षरता दर रिकॉर्ड की गई। मेवात में न्यूतनम महिला साक्षरता दर रिकॉर्ड की गई, जोकि 37.58 है और पलवल में यह दर 56.40 और फतेहाबाद में 59.29 रही।

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