Wednesday, February 16, 2011

बिस्तर गंदा होने पर मरीज को अस्पताल से बाहर निकाला

फतेहाबाद/विकास मैहता. सरकारी अस्पताल भले ही साफ हो न हो, लेकिन यहां आने वाला हर शख्स साफ सुथरा होना चाहिए। अन्यथा चिकित्सक आपका इलाज नहीं करेंगे और आपको बाहर का रास्ता भी दिखा सकते हैं। 'खुदाÓ कहे जाने वाले चिकित्सक किस कदर संवेदनशून्य हो सकते हैं, ऐसा ही कुछ आज उस समय देखने को मिला जब सामान्य अस्पताल के एमरजेंसी वार्ड में उपचाराधीन मोहम्मदपुर रोही निवासी गुरदयाल सिंह व उसके परिजनों को चिकित्सकों ने यह कहकर बाहर निकाल दिया कि उसका बिस्तर गंदा है। हुआ यूंकि गत सायं गांव में हुए झगड़े के बाद 35 वर्षीय गुरदयाल सिंह को सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया। गुरदयाल की मां कुलवंत कौर ने बताया कि उसके गांव के कुछ रिश्तेदार गुरदयाल को मिलने सामान्य अस्पताल आए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने उन्हें कहा कि इस मरीज का बिस्तर गंदा है, जल्दी इसी बाहर ले जाएं। जिसके बाद वे गुरदयाल को अस्पताल के वार्ड से बाहर ले आए और अस्पताल में बने पार्क में लेटा दिया। जब मीडिया कर्मियों के मौके पर पहुुंचने की भनक अस्पताल प्रशासन को लगी तो डिप्टी सीएमओ डॉ.एचएल गुप्ता मौके पर पहुंचे और मरीज के परिजनों को उसे अंदर ले जाने के लिए कहा। वहीं जब मीडिया कर्मियों ने चिकित्सक से इस संदर्भ में बातचीत करने का प्रयास किया तो उक्त चिकित्सक मीडिया कर्मियों से ही उलझ पड़ा और कहा कि अगर यहां कोई गंदा बिस्तर लेकर आएगा तो उसके साथ ऐसा ही सलूक किया जाएगा।

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