रतिया/गर्ग. पंचायती राज के तहत आई 8 लाख की ग्रांट को अपने चहेतों को दिए जाने का आरोप लगाते हुए दर्जनभर ब्लाक समिति सदस्यों ने बीडीपीओ कार्यालय पर जोरदार हंगामा किया। पंचायत समिति सदस्यों का आरोप था कि बीडीपीओ कार्यालय के अधिकारियों व पंचायत समिति के चेयरमैन ने उक्त ग्रांट को तीन महीने पुरानी दिखाकर गुपचुप ढंग से वितरित कर दिया और पंचायत समिति सदस्यों से मनरेगा की बैठक बताकर उनसे गलत हस्ताक्षर करवा लिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इस मामले की उच्च स्तरीय जांच न की गई तो वे पंचायत समिति कार्यालय के आगे धरना देंगे और प्रदर्शन करेंगे। फिर भी दोषियों पर कार्रवाई न होने पर न्यायालय में याचिका डालेंगे। पंचायत समिति सदस्यों, परमजीत कौर, गुड्डी बाई, रामचंद्र अलीका, मूर्ति रानी, सुखविंद्र कौर, कृष्ण गोदारा, विजय रताखेड़ा, बिमला कलोठा व अन्यों ने आरोप लगाया कि पंचायतों को वितरित करने के लिए पंचायती राज योजना के तहत 8 लाख की ग्रांट पीआईआर के खाते में आई थी और वह बीडीपीओ भरतगिरी से इस ग्रांट को बैठक में बांटने के लिए कह रहे थे। लेकिन बीडीपीओ बार-बार उन्हें अगली बैठक में ग्रांट बांटने का आश्वासन दे रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि अब उन्हें पता चला है कि बीडीपीओ व पंचायत समिति चेयरमैन ने कमीशनखोरी कर इस ग्रांट को शेखुपुर सोतर, लाली, पिलछियां, हड़ोली, लठेरा, हसंगा के सरपंचों को 25 अक्टूबर की बैठक दिखाकर वितरित कर दिया है। जबकि इस बैठक में ग्रांट बांटने संबंधी कोई बात हुई ही नहीं।
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