फतेहाबाद/प्रदीप शर्मा. गांव मताना के जोहड़ में शुक्रवार सुबह मृत पाए गए करीब 150 प्रवासी पक्षियों की मौत का रहस्य अभी तक नहीं खुला है, जिसके कारण ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। भले ही वन्य प्राणी विभाग के अधिकारियों ने इन पक्षियों की मौत का कारण ठंड लगना बताकर अपने कार्य से इतिश्री कर ली है, लेकिन ग्रामीणों को यह बात पच नहीं रही है, जिसके चलते वे आज भी अपने पशुओं को पानी पिलाने के लिए जोहड़ पर नहीं ले गए। इसके कारण हर रोज हजारों पशुओं के पानी पीने वाले जोहड़ पर आज भी दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। ग्रामीणों का कहना है कि वन्य प्राणी विभाग के अधिकारी पक्षियों की मौत का कारण ठंड लगना बता रहे हैं, लेकिन पिछले चार दिनों में इतनी ठंड नहीं थी, जितनी जनवरी के प्रथम सप्ताह में रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इन पक्षियों की मौत का कारण जरूर कोई बीमारी रहा है, जिसके चलते बीते दिन से ही इस जोहड़ से प्रवासी पक्षी वापिस लौटने लगे हैं। इस बारे में जब वन्य विभाग के अधिकारी द्वारका प्रसाद से बातचीत की गई तो उन्होंने पक्षियों की मौत का कारण ठंक लगना बताया है। गौरतलब है कि बीते दिन गांव मताना में पशुओं के लिए बनाए गए एकमात्र जोहड़ में सैंकड़ों प्रवासी पक्षी मृत हालत में पाए गए। ग्रामीणों ने इसकी सूचना तुंरत पुलिस व वन्य प्राणी विभाग के अधिकारियों को दी। वन्य प्राणी विभाग के अधिकारियों ने नोरदन सोलर व नोरदन पिंटर सहित कई प्रजातियों के इन मृत पक्षियों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले गए।
No comments:
Post a Comment