ऐलनाबाद. हाईकोर्ट हमारा हक है और इसे हम किसी भी कीमत पर लेकर रहेंगे। प्रदेश में अलग हाईकोर्ट बनाने को लेकर प्रदेश सरकार लगातार प्रयासरत है। यह बात मुख्यमंत्री भूपेंद्रसिंह हुड्डा ने आज ऐलनाबाद में कही। वे आज ऐलनाबाद के न्यायिक परिसर के लोकापर्ण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश रंजन गोगोई मुख्यातिथि थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार न्यायिक सुविधा के सुधारीकरण के लिए लगातार प्रयासरत है, जिसके लिए न्यायिक सुधारीकरण के लिए सरकार ने अपना बजट बढोतरी की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा के 21 जिलों में से 19 जिलों में जिला न्यायिक परिसरों की स्थापना की जा चुकी है, जबकि 2 नए बने जिलों पलवल व मेवात में शीघ्र ही न्यायिक परिसर की स्थापना की जाएगी। प्रदेश के टोहाना व बहादुरगढ़ उपमंडल में ज्यूडिशियल कांप्लेक्स बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रदेश में हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की स्थापना को लेकर गठित किए गए चट्ठा आयोग की रिपोर्ट मिल चुकी है तथा इस रिपोर्ट की वैधानिक पहलुओं की जांच कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहाकि केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई लिटिेगेशन पॉलिसी को प्रदेश में लागू करने पर भी विचार किया जा रहा है। पिछली सरकारों में न्यायिक प्रक्रिया पर 21 करोड़ का बजट रखा गया था, जबकि वर्तमान सरकार ने इसे बढ़ाकर 212 करोड़ रुपए कर दिया है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर केबिनेट में बातचीत चल रही है। उन्होंने बताया कि विभिन्न बोर्डों के चेयरमैनों की नियुक्ति जल्द कर दी जाएगी। हरियाणा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष बारे पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रदेश कांगे्रस कमेटी की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष पर फैसला छोड़ा गया है। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्यातिथि श्री गोगोई ने वकीलों से न्यायिक वितरण प्रणाली को सुलभ बनाने के लिए आह्वान किया। उन्होंने वकीलों से अपील की कि वे न्यायालय को आम आदमी के नजदीक लाएं। इस अवसर पर उनके साथ सांसद अशोक तंवर, मुख्य संसदीय सचिव प्रहलाद सिंह गिल्लांखेड़ा, गृह सचिव समीर माथुर, रणजीत सिंह चौटाला, जगदीश नेहरा, डॉ.केवी सिंह सहित अनेक लोग उपसिथत थे।
No comments:
Post a Comment