फतेहाबाद. वर्षों पूर्व खालिस्तान की मांग को लेकर लगी आग का धुआं आज भी बदस्तूर उठ रहा है। इस आग से निकलता धुआं रतिया क्षेत्र के घग्घर किनारे बसे गांवों में भी देखने को मिला। उल्लेखनीय है कि उक्त क्षेत्र 1984 में उग्रवाद के दौर में सक्रिय था। आज क्षेत्र के गांव नथवान, अहरवां, बोडा आदि गांवों में खालिस्तान समर्थित कुछ पोस्टर मिलने के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। जिले का खुफिया विभाग सतर्क हो गया। पोस्टर मेंं बड़े-बड़े अक्षरों में 'ना हिंदू, ना मुसलमान, साडी मंजिल खालिस्तानÓ लिखा हुआ था। साथ ही विवादित जरनैल सिंह भिंडरावाले का फोटो व दूसरी तरफ शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के प्रधान सिमरणजीत सिंह मान का फोटो लगा हुआ था। पोस्टर मुख्य रूप से गुरुद्वारा व बस स्टैंड के ऊपर लगाए गए थे। जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा कर्मियों ने पोस्टर तो वहां से उखाड़ लिए और कार्रवाई के लिए अपने साथ ले गए। बताया जाता है कि पोस्टर पर बैसाखी पर्व 14 अप्रैल को तख्त श्री दमदमा साहब तलवंडी साबो में आयोजित होने वाली खुली कांफ्रेंस में बढ़-चढ़ कर भाग लेने का न्यौता दिया गया था। यह न्यौता शिरोमणि अकाली दल अमृतसर की तरफ से था। यह भी बताया गया है कि पोस्टर में खालिस्तान समर्थित चिह्न नीला घोड़ा भी चस्पा किया गया था और गुरु गोङ्क्षवद सिंह जी को प्रवचन करते हुए दिखाया गया है। उल्लेखनीय हेै कि 1984 के दंगों के बाद उठने वाली खालिस्तान की मांग में सैकड़ों लोगों की नृशंस हत्या की गई थी। गौरतलब है कि भिंडरावाले की फोटो पहले भी एक मोटरसाइकिल पर लगी हुई थी, जिसे पुलिस कर्मियों ने अपने कब्जे में ले लिया था। मामले की जानकारी मिलने के बाद पूरा जिला प्रशासन सतर्क हो गया है और मामले की सूचना चंडीगढ़ मुख्यालय में उच्चाधिकारियों को भी दे दी गई है। जब इस मामले में पुलिस कप्तान से बात की गई तो उन्होंने कहा कि जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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