फतेहाबाद. पिछले एक महीने से जिले में सुर्खियों में रहे रूचिका प्रकरण ने आज उस समय नया मोड़ ले लिया जब रूचिका व उसके परिजनों ने लघुसचिवालय में उपायुक्त के समक्ष पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त ने कलमबद्ध किए ब्यान को आईजी के पास भेज दिया। उपायुक्त के आदेश पर महिला एवं बाल कल्याण विभाग अधिकारी आशा सेतिया और थाने में महिलाओं के लिए नियुक्त एडवोकेट संगीता बैनीवाल के पास कलमबद्ध करवाए। जहां रूचिका की मां ने आरोप लगाया कि लड़की के अपहरण के मामले में आरोपियों के साथ रतिया पुलिस चौकी इंचार्ज चांद राम व राजबाला मिले हुए हैं। महिला का आरोप है कि पुलिस रूचिका को दिल्ली से नहीं लाई थी, बल्कि आरोपियों ने उकलाना से उसे पुलिस की गाडी में बैठाया था। पुलिस ने ही डरा-धमकाकर रूचिका को झूठा ब्यान देने के लिए तैयार किया था। परिजनों का आरोप है कि इस मामले को दबाने के लिए पुलिस उन पर दबाव बना रही है। पुलिस ने सतीश को तो गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन उसके भाई को अभी गिरफ्तार नहीं किया, जो रूचिका को उठवाने में सतीश के साथ था। अपने ब्यान में रूचिका ने बताया कि उनके परिवार को पुलिस से खतरा बना हुआ है। इस मामले में जब डीसी सीजी रजिनीकांथन से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि यह मामला उनके सामने आया था।पुलिस के अधिकारियों पर आरोप लगने के कारण उन्होंने रूचिका व उसके परिवार को अपने ब्यान लिखित में देने के बाद आईजी के पास भेज दिया है। डीसी ने बताया कि मामले की जानकारी उन्होंने आईजी को दे दी है।
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