Monday, February 15, 2010

बिना उद्देश्य निर्धारित किए मोक्ष मार्ग का निर्णय असंभव: स्वामी दिव्यानंद जी

फतेहाबाद. सद्गुरू देव श्री गीता विहारी महाप्रभु की पावन पवित्र ज्योति को फतेहाबाद श्री गीता मंदिर में नवनिर्मित श्री सद्गुरू धाम में प्रतिष्ठित करने हेतु आज मॉडल टाउन सद्गुरू भक्तों का एक सेवादल फतेहाबाद से प्रात: 9 बजे हरिद्वार श्री गीता कुटीर तपोवन को रवाना हो गया, जिन्हे पूज्य श्री स्वामी दिव्यानंद जी महाराज ने विद्वान ब्राह्मणों के सानिध्य में वैदिक मंत्रों के साथ विदा किया। इस दल में श्री गीता विहारी सेवा समिति(रजि.) फतेहाबाद के प्रधान श्री तुलसी दास मेहता, कैनेडा से एनआरआई श्री पवन मिढ़ा, गुलशन मिढ़ा, सुनील गेरा प्रमुख थे। बड़े हर्षोल्लास के साथ सेवादल के संस्थापक संरक्षक श्री देवराज जी बतरा, राजीव बतरा, वेद बतरा, बृजभूषण मिढ़ा, हुकमचंद नारंग, राजेंद्र बंसल, एनआरआई नागेंद्र चौधरी, सुभाष बतरा, घनश्याम दास जुनेजा, पंकज मुखी, संजीव कुमार, राज नारंग, बलदेव चौधरी, ऊषा चौधरी, मुलखराज बतरा आदि ने कीर्तन भजन करते हुए उन्हें प्रस्थान कर संकल्प लिया कि यह महाप्रभु की ज्योति सदैव यहां अखंड ज्योति के रूप में प्रज्ज्वलित रहेगी। इस अवसर पर श्री स्वामी जी ने कहा कि सद्गुरू देव श्री स्वामी गीतानंद जी महाराज श्री जी अपनी दिव्य प्रकाशमय आभा के रूप में अव्यक्त रूप में कण-कण में विराजमान हैं, किंतु हम भक्तों के इन नेत्रो की भी प्यास बुझे, इसलिए ज्योतिर्मय साकार स्वरूप को यहां प्रतिष्ठित किया जाएगा। सद्गुरू की इस पावन ज्योति के विराजमान होने से हम भक्तों के हृदय में ज्ञान ज्योति का प्राकट्य होगा, ताकि हृदय भ्रम और भय की धुंध से मुक्त हो। कल सांय नगर के प्रमुख द्वार पर न्यू हरियाणा ट्रैक्टर्स द्वारा स्वागत होगा। तत्पश्चात ज्योति का श्री गीता मंदिर मॉडल टाउन मेंं पूजन होगा।

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