रमेश जोइया
फतेहाबाद. हरियाणा सरकार की नई आबकारी पॉलिसी के तहत शराब के ठेकों का रिन्यूअल को लेकर वर्तमान शराब ठेकेदार पेशोपेश में पड़े हुए हैं। सरकार की इस नई पॉलिसी के तहत 19 फरवरी शराब ठेकों के रिन्यूअल के लिए अंतिम तिथि तय की गई है। इस तिथि तक शराब ठेकेदार रिन्यूअल के लिए विभाग के पास फार्म व फीस जमा करा सकते हैं। इस अंतिम तिथि के पश्चात बचे हुए शराब ठेकों के लिए टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। इस रिन्यूअल पॉलिसी के बारे में ज्यादा जानकारी हासिल करने के लिए शराब ठेकेदार विभाग के अधिकारियों से संपर्क साधने में लगे हुए हैं। सरकार की इस नई आबकारी पॉलिसी 2010-11 के मुताबिक शराब ठेकेदार न केवल इस वर्ष के लिए ठेकों का रिन्यूअल करा सकते हैं, बल्कि अगले साल के लिए भी यही रिन्यूअल पॉलिसी लागू कर दी गई है। यह इसलिए ताकि इस साल ठेका देने वाले शराब ठेकेदारों को दो साल तक स्थायी व्यवसाय मिल सके और शराब ठेकेदार ठेका देने में अधिक रूचि दिखाएं। जिला में पिछले साल देसी शराब ठेका के 91, अंग्रेजी ठेका के 38 ठेकों के टेंडर हुए थे, जबकि इन दोनों के एक-एक ठेकों के टेंडर नहीं हो पाए थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार नई पॉलिसी के तहत रिन्यूअल फीस 25 लाख तक के ठेके के लिए 25 हजार रुपए, 25 लाख से 50 लाख तक के ठेके के लिए 50 हजार रुपए, 50 लाख से 1 करोड़ रुपए तक के लिए 75 हजार रुपए व 1 करोड़ से ऊपर के ठेके के लिए 1 लाख रुपए तक की रिन्यूअल फीस निर्धारित की गई है। नई आबकारी पॉलिसी की एक खास बात यह है कि इसमें पहली बार ठेकों को शराब ठेकेदारों को अपने ठेकों को विभाग के पास एक निर्धारित फीस भरकर अपने मनमाफिक रेटों पर अन्य किसी को ट्रांसफर करने की सुविधा भी दी गई है। राज्य सरकार की इस नई आबकारी पॉलिसी को लेकर अभी तक तो वर्तमान ठेकेदार पेशोपेश में हैं, लेकिन कल शाम तक उनके असली रिस्पांस का पता चल पाएगा।
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