फतेहाबाद. विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार करके स्वदेशी वस्तुएं अपनाने से न केवल देश को कर्ज मुक्त किया जा सकता है, बल्कि देश की अर्थ व्यवस्था भी काफी मजबूत हो सकती है। इसके साथ-साथ स्वदेशी खान-पान से अनेक बीमारियों से भी छुटकारा मिल सकता है। यह बात एमएम कालेज में पतंजलि योग समिति एवं भारत स्वाभिमान द्वारा आयोजित 'स्वदेशी एवं राष्ट्रवादÓ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में भारत स्वाभिमान के राष्ट्रीय मंत्री एवं महान वैज्ञानिक राजीव दीक्षित ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कही। स्वतंत्रता के समय भारत पर कर्ज नहीं था, लेकिन आज देश पर करीब 18 लाख करोड़ का कर्ज है। इस हिसाब से हिंदुस्तान का हर नागरिक 15 हजार रुपए का कर्जवान हैं। विदेशों द्वारा कर्ज लेने पर वहां की कंपनियों को भारत में व्यापार करने की छूट दी जाती है, जिससे वो काफी मुनाफा कमाकर भारत की पूंजी को बाहर भेजते रहते हैं। इस मौके पर एमएम कालेज सोसायटी के प्रधान देवराज बतरा, एमएम कालेज के प्रिंसीपल डा. डीके कौशिक, डायरैक्टर सुभाष शर्मा, पतंजलि योग समिति के प्रधान मदन गोपाल आर्य, डा. विनोद बतरा, प्राचार्या डॉ.ममता चौधरी, बलबीर चौधरी, प्रिंसिपल एमएस कोमल, गुलबहार सिंह एडवोकेट, सीएल महतानी, राजीव बतरा, मास्टर रामकुमार, धर्मचंद मेहता, ओपी बागड़ी, ओपी शर्मा, मोहन तनेजा, सुमित्रा आर्य व पवन रूखाया आदि मौजूद थे।
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