Tuesday, December 15, 2009

अब उभरेंगी ग्रामीण खेल प्रतिभाएं

रणधीर मताना
फतेहाबाद। ग्रामीण क्षेत्र में खेलों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने पंचायत युवा क्रीडा खेल अभियान योजना शुरू की है, जिसके तहत 20 खेलों को ग्रामीण क्षेत्र में बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए खेल मंत्रालय द्वारा प्रदेश के सभी जिलों के खेल अधिकारियों को पत्र लिखकर इसे गंभीरता से लागू करने के आदेश जारी किए हैं। खेल अधिकारियों को जारी किए गए पत्र के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में काफी खेल प्रतिभाएं होती है, लेकिन खेल प्रशिक्षक व खेलों से संबंधित सामान का अभाव होने के कारण वे उभरकर सामने नहीं आ सकती। इन प्रतिभाओं को उभारने के लिए अब केंद्र सरकार ने पायका योजना लागू की है। इस योजना में गांव में खेलों से संबंधित ग्राउंड तैयार करवाए जाएंगे। खेलों से संबंधित सामान भी योजना के तहत गांव को उपलब्ध करवाया जाएगा। इतना ही नहीं इस योजना में विभिन्न खेलों के लिए प्रशिक्षकों की नियुक्ति भी की जाएगी। विभाग का मानना है कि बिना प्रशिक्षक के अच्छे खिलाड़ी तैयार नहीं किए जा सकते। इसलिए खेलों को बढ़ावा देने के लिए जरूरी है कि प्रशिक्षक गांव-गांव जाकर खिलाडिय़ों को प्रशिक्षण दें और उन्हें तैयार करें। प्रत्येक गांव में प्रशिक्षकों की नियुक्ति न होने की स्थिति में कुछ गांवों में एक प्रशिक्षक की नियुक्ति हो सकती है और वह खिलाडिय़ों को प्रशिक्षण दे सकता है। खेल विभाग के अधिकारियों की मानें तो पायका योजना में ग्रामीण स्तर पर खिलाड़ी तैयार करने के लिए विभाग द्वारा आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाती है। इस योजना में खिलाड़ी को तैयार करने के साथ ही उनकी ब्लाक व जिला स्तर पर प्रतियोगिता भी करवाई जाती है। ब्लाक स्तर पर कम से कम 3 से 5 प्रतियोगिता करवाई जा सकती है, जबकि जिला स्तर पर 8 से 10 प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा सकता है। जिला स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाडिय़ों को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर मिलता है।भले ही सरकार द्वारा पायका योजना लागू कर ग्रामीण क्षेत्र से खेल प्रतिभाओं को उभारने का काम किया गया हो, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ी इस योजना के तहत कितना लाभ उठा पाते हैं, यह देखने वाली बात होगा।

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