Thursday, December 10, 2009

रोजगार दिलाने में सहायक बना जिला पुस्तकालय

रणधीर मताना
फतेहाबाद। पुरानी कचहरी के पास करीब दो साल पूर्व स्थापित किया गया जिला पुस्तकालय यहां के लोगों के लिए वरदान साबित हो रहा है और यहां से ज्ञान अर्जित कर जिले के दर्जनों छात्र बड़े-बड़े पदों पर पहुंच चुके हैं। भले ही दो वर्ष बीतने के बावजूद पाठकों में ज्यादा बढ़ोतरी न हो पाई हो, लेकिन पुस्तकालय के नियमित सदस्यों की संख्या 100 से पार जा पहुंची है। इससे भी महत्त्वपूर्ण बात यह है कि प्रतिदिन आने वाले तीन दर्जन से अधिक पाठकों में से एक दर्जन महिला पाठक होती है। जिले में सरकारी पुस्तकालय की जरूरत काफी साल से अनुभव की जा रही थी और यहां के लोगों द्वारा सरकार व जिला प्रशासन के पास इस बात की कई बार मांग की जा चुकी थी। जिले में साहित्य व संस्कृति में बढ़ती रूचि के तहत यह मांग ओर भी महत्त्वपूर्ण हो गई थी। इसी मांग को देखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा करीब दो साल पहले जिला पुस्तकालय की मंजूरी प्रदान कर दी और पुरानी कचहरी में जिला पुस्तकालय खोला गया। पुस्तकालय के शुरूआत में पुस्तकों की संख्या के साथ-साथ पुस्तकालय के सदस्यों की संख्या भी कम थी। लेकिन मौजूदा समय में इस लाईब्रेरी में साहित्य, खेल, प्रतियोगिताओं से संबंधित पुस्तकें, कंप्यूटर, मीडिया, देशभक्ति, बच्चों से संबंधित व महिलाओं से संबंधित करीब दस हजार से अधिक पुस्तकें हैं। इन पुस्तकों के अलावा सभी तरह के राष्ट्रीय समाचार पत्र, पत्रिका भी लाईब्रेरी में है। पुस्तकालय के स्टोरर मिल्खीराम की मानें तो यहां पर महिलाएं के लिए कढ़ाई, बुनाई के अलावा आचार, मुरबा बनाने से संबंधित पुस्तकों को महिला पाठक बड़ी रूचि से पढ़ती है। विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं कोर्सों से संबंधित पुस्तकें पढ़कर करीब एक दर्जन से अधिक पाठक अच्छे पदों पर पहुंच चुके हैं। पुस्तकालय में आयुर्वेदिक पुस्तकें भी विद्यमान है, जिनका लाभ यहां के पाठक उठाते हैं।

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