रमेश जोइया
फतेहाबाद. शहर की प्रमुख कॉलोनियां जिन पर अब तक प्रशासन की तलवार लटकी हुई थी, आने वाले कुछ दिनों में वैध घोषित की जा सकती हैं। इस संदर्भ में नगर परिषद फतेहाबाद ने एक प्रपोजल भी नगर निकाय विभाग चंडीगढ़ को भेजा हुआ है। सूत्रों की माने तो कुछ दिनों में ही शहर की इन कॉलोनियों के लोगों को राहत मिल सकती है और इन कॉलोनियों को सरकारी मोहर लगाकर वैध घोषित किया जा सकता है। इन कॉलोनियों में शहर की सबसे बड़ी एवं पॉश अग्रवाल कॉलोनी, अग्रसैन कॉलोनी, बाला जी कॉलोनी, बैंक कॉलोनी, ग्रीन कॉलोनी, गुरुनानकपुरा, कीर्ति नगर, न्यू प्रोफेसर कॉलोनी, प्रोफेसर कॉलोनी, पुष्पविहार एनक्लेव, राजीव कॉलोनी, रतिया कॉलोनी, शक्तिनगर, सूर्या एनक्लेव, योग नगर एक्सटेंशन सहित दर्जनों कॉलोनियां जिन पर अब तक प्रशासन की टेढ़ी नजर थी, अब इन्हें वैध करने की कवायद अंतिम चरण में है। नगर परिषद ने इन कॉलोनियों का सर्वे हरियाणा स्पेस एप्लीकेशन सेंटर द्वारा सेटेलाइट के माध्यम से करवाया है। सूत्रों ने बताया कि ंइस सर्वे के बाद तैयार रिपोर्ट को परिषद ने स्थानीय निकाय विभाग चंडीगढ़ को मंजूरी के लिए भेज दिया है। उल्लेखनीय है कि दर्जनों कॉलोनियां लगभग 300 एकड़ में फैली हुई हैं। इस 300 एकड़ जमीन का लगभग 70 प्रतिशत भाग रिहायशी है। जबकि 30 प्रतिशत भाग अन्य कार्य के लिए छोड़ा गया है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने वर्ष 2009 की शुरूआत में उन कॉलोनियों को वैध करने की तैयारी की थी, जिसका रिहायशी घनत्व 50 प्रतिशत या उससे अधिक है।
राज्य सरकार के इस निर्णय के बाद स्थानीय प्रशासन ने इन कॉलोनियों की अत्याधुनिक तकनीक द्वारा वीडियोग्राफी करवाई थी। वीडियोग्राफी करने का कार्य सेटेलाइट कंपनी हरसेक को सौंपा गया था। कंपनी द्वारा सर्वे करने के बाद स्थानीय नगर परिषद को सौंपी गई थी। जिसके बाद इसे मंजूरी के लिए अब चंडीगढ़ नगर निकाय को भेजा गया है। सूत्रों की मानें तो नगर परिषद के अधिकारी एक-दो दिन में ही स्थानीय निकाय के अधिकारियों से इस सिलसिले में मिलेंगे। पिछले दिनों पानीपत में हुई एक बैठक के दौरान नगर निकाय विभाग के प्रधान सचिव ने अवैध कॉलोनियों को वैध करने बारे प्रपोजल मांगे थे तथा उन्हें जल्द से जल्द वैध करने के लिए उत्सुकता दिखाई थी।
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