फतेहाबाद, घटती जोत व बढ़ती आबादी के बीच बेहतर सामंजस्य व सुविधाओं के लिए आधुनिक कृषि पद्धति हो अपनाना होगा जहां कम क्षेत्र में कई किस्म की फसलें पैदा की जा सकें। ये विचार लोक निर्माण विभाग के मुख्य संसदीय सचिव प्रहलाद सिंह गिलाखेड़ा ने आज गांव धांगड़ में कृभको द्वारा भूमि स्वास्थ्य सुधार विषय पर आयोजित एक दिवसीय संगोष्ठी में उपस्थित किसानों को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए। श्री गिलाखेड़ा ने कहा कि हमारे देश में जनसंख्या का घनत्व बड़ी तेजी से बढ़ रहा है। कृषि जोत लगातार कम होती जा रही है। ऐसे में देश के प्रत्येक नागरिक के लिए खाद्यान्न उपलब्ध करवाना एक चुनौती बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसान को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कृभको जैसी संस्थाएं सराहनीय कार्य कर रही हैं। किसान को खाद, बीज व दवाईया उपलब्ध करवा रही हैं। संगोष्ठी में हिसार कृषि विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशक डा. आरपी नरवाल ने कहा कि प्रदेश के गठन के बाद फसली उत्पादन में 6 गुणा बढ़ोतरी हुई है जिसका सारा श्रेय किसानों को जाता है। इस मौके पर कृभकों के मुख्य प्रबन्धक डा एन के भादू, कृषि उपनिदेशक आरसी पूनिया, डा. सज्जन कुमार शर्मा, डॉ.एएस ढिढवाल, डॉ. आरएस ढुकिया, डॉ. संतकुमार, डॉ.आरके शर्मा, डॉ. नारायण सिंह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय पर्यावरण के अध्यक्ष आत्माराम थोरी, डा संदीप पूनिया, ओ पी चहल, डा आनन्द, निहाल सिंह गोदारा, कृष्ण बुढानिया, मदन लाल, धर्मपाल सहित गांव के सरपंच रणसिंह, लालचंद, धर्मपाल व किसान उपस्थित थे।
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