Wednesday, December 16, 2009

संचार टावरों के लिए अब लाइसेंस जरूरी!

रमेश जोइया
फतेहाबाद. राज्य सरकार का स्थानीय शहरी निकाय विभाग मोबाइल कंपनियों के संचार टॉवर लगाने के लिए सक्षम अधिकारी से लाइसेंस लेना अनिवार्य करने जा रहा है। इस बारे में बकायदा अधिसूचना जारी करके संबंधित विभागों को अधिसूचना का ड्राफ्ट भेजकर सुझाव व राय मांगी गई है। इसमें यह भी कहा गया है कि अधिसूचना से पहले स्थापित किए गए संचार टावरों को भी इसक लागू होने के दो माह के अंदर-अंदर लाइसेंस लेना होगा। अधिसूचना के तहत बनाए गए नए नियमों को पूरा न करने पर संचार टावरों को फौरन हटाने का प्रावधान भी रखा जा रहा है। इस अधिसूचना के बाद लागू होने वाले कानून के तहत किसी भी मोबाइल कंपनी की ओर से नगर पालिका, नगर परिषद, नगर निगम एरिया में संचार टावर व्यावसायिक या सार्वजनिक एरिया में संचार टावर लगाना संभव न हो तो संचार टावर संरचना सुरक्षा प्रमाण पत्र की शर्त पर आवासीय भवनों की छतों पर भी लगाया जा सकेगा। इसके तहत संचार टावर की ऊंचाई 30 मीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके लिए रक्षा, नागरिक उड्डयन व दूरदर्शन प्राधिकरण से क्लीयरिंग सर्टिफिकेट लिए जाने एवं संचार टावर लगाने के लिए लाइसेंस केवल एक साल की सीमा पर दिए जाने का भी का प्रावधान है। इस अधिसूचना के मुताबिक संचार टावर के लाइसेंस का वार्षिक नवीनीकरण भी होगा। संचार टावर लगाने के लिए नगर पालिका, नगर परिषद व नगर निगम के अलग-अलग जोन बनाए गए हैं और उनकी लाइसेंस फीस भी अलग-अलग रखे गए हैं। इस अधिसूचना के तहत किसी नामी संस्थान जैसे आईआईटी दिल्ली, केंद्रीय भवन अनुसंधान रूड़की, राष्ट्रीय भवन सामग्री परिषद फरीदाबाद, राष्ट्रीय प्रौद्योगिक कुरुक्षेत्र, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज चंडीगढ़ से संरचना ब्यूरो सहित संचार स्थिरता प्रमाण पत्र भी आवेदन के साथ जरूरी किया जा रहा है। संचार टावर लगाने वाली कंपनी या आवेदक को अग्नि सुरक्षा व लाइट इत्यादि के लिए विशेष सावधानियां बरतनी होगी और संबंधित अग्निसेवा अधिकारी से जरूरी अनुमति लेनी भी होगी। जबकि संचार टावर के लिए जनरेटर सेट की ध्वनि व प्रदूषण की अनापत्ति प्रमाण पत्र भी हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से लेना भी जरूरी किया जा रहा है। इस अधिसूचना में यह भी प्रावधान रखा गया है कि उपरोक्त में से किसी भी शर्त का उल्लंघन होने पर यह जनहित में किसी भी समय दिए गए लाइसेंस को रद्द भी किया जा सकता है। इस अधिसूचना के ड्राफ्ट तहत स्थानीय शासन निकाय विभाग चंडीगढ़ द्वारा मांगे गए सुझाव व राय के बाद इन नियमों को जल्द लागू किए जाने की संभावना है।

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