Tuesday, December 15, 2009

ग्रामीणों ने दी आत्मदाह की धमकी

फतेहाबाद/प्रदीप. गांव मोचीवाला के दौ से अधिक ग्रामीण आज मुख्य संसदीय सचिव प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा व डीसी सीजी रजिनीकांथन से मिला और गांव की पंचायती जमीन की फर्जी रजिस्ट्री को रद्द करवाकर जमीन वापिस पंचायत को देने की मांग की। इसके साथ ही ग्रामीणों ने धमकी भी दी की यदि पंचायत को जमीन वापिस नहीं मिली तो इसके लिए वे आत्मदाह भी कर सकते हैं। डीसी से मिलने पहुंचे गांव मोचीवाला पंच रवीदत्त, पूर्व सरपंच महावीर, राजकुमार, सूरजभान, कश्मीर सिंह, बलवान ङ्क्षसह, सुरेंद्र, सतावन सिंह, सतपाल, लीलूराम, इंद्रसिंह, धर्मपाल पंच, महावीर, भूराराम, बलबीर, राजेंद्र, बनवारी लाल, विजेंद्र, रामचंदर, घनसिंह व सुल्तान सिंह ने बताया कि मोचीवाली की पंचायती जमीन का तीसरा हिस्सा पठान की मलकियत थी, जिसे गांव वालों ने खरीद ली। आठ एकड़ जमीन को रिजर्व में रखा गया, जिसका 1992 में मोचीवाला पंचायत के नाम इंतकाल हो गया। इसके बाद पठान ने कोर्ट में केस किया, जिसमें पंचायत की जीत हुई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इसके बाद दूसरे पक्ष द्वारा केस दर्ज करवाया गया, जिसमें पंचायत को बताया गया कि केस खारिज कर दिया गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अब इस जमीन की रजिस्ट्री पठान के वारिसों की मार्फत एक परिवार ने अपने नाम करवा ली है, जिसका चार एकड़ का इंतकाल हो चुका है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इसका इंतकाल पंचायत के नाम करवाया जाए। मुख्य संसदीय सचिव ने ग्रामीणों को न्याय दिलवाने की बात कही है, जबकि डीसी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

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