फतेहाबाद। एड्स जैसी भयंकर बीमारी से बचने के लिए समाज को जागरूक होने की जरूरत है। लोगों की
जागरूकता ही इस पर पूरी तरह से अकुंश लगा सकती है। यह बात सिविल अस्पताल के डा. एम चक्रवर्ती ने आज विश्व एड्स दिवस के उपलक्ष्य में नए बस स्टैंड पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि एड्स एक जानलेवा बीमारी है। एड्स रोगी या एचआईवी पीडि़त व्यक्ति ज्यादा दिनों तक जीवित नहीं रहता। उन्होंने बताया कि एचआईवी से बचाव ही इसका सबसे सफलतम उपाय है। इस मौके पर डा. रमेशचंद ने कहा कि एचआईवी विभिन्न कारणों से होता है, इनमें अधिकतर यौन संबंधो से होता है। यौन संबंध बनाने से पूर्व सावधानी बरतनी चाहिए। इसके अतिरिक्त यह बीमारी संक्रमित खून या सिरिंज से भी हो सकता है। अगर किसी संक्रमित खून को किसी स्वस्थ व्यक्ति को चढ़ाया जाए तो भी यह रोग उससे स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में आ जाता है। इस रोग में इंसान की रोग प्रतिरोधक क्षमता क्षीण हो जाती है, जिससे धीरे-धीरे इंसान मौत की ओर बढऩे लगता है। उन्होंने बताया कि अगर आवश्यकता हो तो खून किसी मान्यता प्राप्त लैब से ही लें तथा डिस्पोजेल सिरिंज व नीडल का प्रयोग करें। रमेशचंद ने बताया कि फतेहाबाद में इस वर्ष 24 एचआईवी पॅाजीटीव पाए गए हैं जो कि गंभीर स्थिति है। लोगों को इसके भयंकर परिणाम से बचने के लिए यौन संबंधो में सावधानी बरतनी चाहिए। इस मौके पर डा. रमा बंसल ने कहा कि यदि किसी असावधानी के कारण कारण कोई व्यक्ति एचआईवी पॉजिटिव हो जाता है तो हमें ऐसे लोगों से घृणा नहीं करनी चाहिए। यह रोग छुने से नहीं फैलता बल्कि यौन संबंधो से ज्यादा फैलता है। इसलिए ऐसे लोगों से घृणा करने के बजाए सहानुभूति जतानी चाहिए। इस मौके पर डा.केदार जांगड़ा ने भी उपस्थित लोगों को संबोधित किया।
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