फतेहाबाद. गांव महमड़ा के पूर्व सरपंच भगवान राम को चूरापोस्त तस्करी के आरोप में न्यायाधीश जेएस दहिया की अदालत ने दस साल की सजा व एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनवाई है। इस मामले में पुलिस द्वारा 2005 में केस दर्ज किया गया था। पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग चूरापोस्त की तरस्करी कर रहे हैं। पुलिस ने एक टीम का गठन करके छापामार कार्रवाई की तो वहां से महमड़ा के सरपंच भगवान राम को 23 बोरी चुरा पोस्त सहित गिरफ्तार किया था। आज पुलिस ने भगवान को अदालत में पेश किया। अदालत ने पूर्व सरपंच को इस मामले में दोषी पाया और उसे दस साल सजा व एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। इस मामले में एक अन्य आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
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