Tuesday, November 10, 2009

अब कांग्रेस पूर्ण बहुमत में

फतेहाबाद। प्रदेश में इतिहास रचकर लगातार दूसरी बार सरकार बनाने वाले मुख्यमंत्री भूपेंद्र ङ्क्षसह हुड्डा की राजनीतिक पीएचडी उम्मीदों की कसौटी पर खरी उतरती नजर आ रही है। हर मौके पर अपने विरोधियों को परास्त करने के साथ-साथ लक्ष्य में सफलता हासिल करने वाले मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने जिस समय विधानसभा में निर्दलीयों के सहारे बहुमत हासिल किया था तो राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे। विधानसभा में कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत न मिलने के कारण मुख्यमंत्री भूपेंद्र ङ्क्षसह हुड्डा के सामने कई मुश्किलें सामने आ रही थी। मुख्यमंत्री ने चुनाव परिणाम आने के तुरंत बाद निर्दलीयों को अपने विश्वास में लेकर सरकार बनाने की तरफ तो कदम बढ़ा दिए थे, लेकिन कम विधायकों के कारण पांच साल तक स्थाई सरकार चलाने में कुछ मुश्किलें आ रही थी। इन्हीं मुश्किलों को खत्म करने के लिए हजकां का कांग्रेस में विलय करने के प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन हजकां सुप्रीमों इसके लिए तैयार नहीं हो रहे थे। कुलदीप बिश्नोई को हजकां कांग्रेस में विलय करने के लिए कांग्रेस की मोहसिना किदवई व पृथ्वीराज चौहान सहित कई नेताओं न बातचीत की, लेकिन अपरिपक्वता के चलते कुलदीप ने इस सुनहरे अवसर को अपने हाथों से गवां दिया। करीब साढ़े चार साल पहले कांग्रेस से बगावत करके दो साल पहले हरियाणा जनहित कांग्रेस के नाम से नई पार्टी का गठन करने वाले कुलदीप बिश्नोई लगातार सरकार से उलझते रहे। विधानसभा चुनावों में भले ही कुलदीप बिश्नोई को ज्यादा सीटें आने की उम्मीद थी, लेकिन हजकां पार्टी कुलदीप बिश्नोई सहित केवल 6 सीटें ही जीत पाई। चुनाव परिणाम आने के तुरंत बाद कुलदीप बिश्नोई ने विपक्ष में बैठने की बात कही, लेकिन 24 घंटे बाद ही वे अपनी बात से मुकर गए और सरकार के साथ मिलकर चलने की बात कही। परन्तु मुख्यमंत्री भूपेंद्र ङ्क्षसह हुड्डा के विधानसभा में विश्वासमत हासिल करने के समय हजकां के सभी विधायक विधानसभा से गायब रहे। इसके बाद भी कुलदीप बिश्नोई व कांग्रेस नेताओं की पार्टी को कांग्रेस में विलय करने की बातें चलती रही, लेकिन बात सिरे नहीं चढ़ी। इसी दौरान बीते दिन हजकां के चार विधायकों ने सनसनीखेज तरीके से विधानसभा अध्यक्ष से मिलकर कांग्रेस में शामिल होने की पेेशकश कर दी। चुनाव परिणाम आने के बाद हजकां के विधायकों का शुरू से ही कांग्रेस की ओर आकर्षण उस समय चरम पर पहुंच गया, जब हजकां के 6 विधायकों में से 4 विधायक कांग्रेस में शामिल हो गए और एक और विधायक आज कांग्रेस में शामिल हो गया। हजकां के पांच विधायक कांग्रेस में शामिल होने के साथ ही कांग्रेस अब 45 विधायकों के साथ पूर्ण बहुमत में आ गई है। इसके अलावा 7 निर्दलीय व एक बसपा का समर्थन भी कांग्रेस को हासिल है। करीब एक पखवाड़ चले राजनीति के इस घटनाक्रम में जहां कांग्रेस को काफी फायदा हुआ है, वहीं हजकां हाशिऐ पर आ गई है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पूर्ण बहुमत प्राप्त करके एक बार फिर साबित कर दिया कि राजनीति की पीएचडी में उनकी कोई बराबरी नहीं कर सकता।

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