ऐलनाबाद का उपचुनाव कांग्रेस और इनेलो दोनों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्र बनेगा। भले ही चुनाव मार्च के आसपास होंगे, लेकिन 29 नवम्बर को होने वाली रैली को इसी उपचुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। चुनाव को लेकर जहां कांग्रेस सरकार ने ऐलनाबाद को विकास से नहलाने का अभियान चला रखा है, वहीं इनेलो भी कांग्रेस को पटखनी देने की पूरी तैयारी में है। कांग्रेस की परेशानी यह है कि हालिया चुनावों में जो दुर्गति कांग्रेस पार्टी की हुई है उसे लेकर पार्टी में यह संदेह बना हुआ है कि उपचुनाव को आखिर किस बलबूते पर जीता जा सकता है। कांग्रेस की टिकटों पर हारे सभी अर्थात पांचों उम्मीदवार अपने ही विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई की इंतजार कर रहे हैं और इनमें से एकमात्र भरत सिंह बैनीवाल को छोड़कर अभी तक कोई कांग्रेसी सक्रिय नहीं हुआ है। कांग्रेस के जिला प्रधान होशियारी लाल शर्मा पर लक्ष्मण दास अरोड़ा गंभीर आरोप लगा चुके हैं और हाईकमान ने उन्हें भी नोटिस थमा रखा है। हालांकि होशियारी लाल शर्मा रैली के लिए जी-जान से जुटे हैं, लेकिन उन पर भी पार्टी ने संदेह की तलवार तो लटका ही रखी है। वहीं रणजीत सिंह, केवी सिंह, जगदीश,नेहरा की भी स्थानीय कांग्रेसी शिकायत कर चुके हैं। इस मामले में इन्हें भी हाईकमान ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इनमें चाहे अशोक तंवर की शिकायत तो किसी ने न की हो, लेकिन बातचीत में स्वीकार सभी करते है कि तंवर ने चुनाव में कोई काम नहीं किया। तंवर इन आरोपों का खण्डन करते हुए कह चुके हैं। उन्हें जिसने जहां बुलाया वे वहां आए और पार्टी के लिए काम किया, लेकिन सांसद के पास इनका कोई ठोस जवाब नहीं है। पार्टी पदाधिकारी दबी जुबान में यहां तक भी कहते हैं कि तंवर को हमने कामयाब किया और उन्होंने हमारे लिए कुछ नहीं किया। इन उलझनों में फंसी कांग्रेस के लिए यह चुनाव काफी चुनौतिपूर्ण है। ऐसा इसलिए भी लग रहा है कि रैली की तैयारियों में भी कांग्रेस के लिए भरत सिंह बैनीवाल, होशियारी लाल शर्मा और भूपेश मैहता के इलावा कोई सक्रिय दिखाई नहीं दे रहा। केवल गृह उद्योग राज्यमंत्री गोपाल कांडा और संसदीय सचिव प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा के कंधों से ही रैली का बोझ उठाने की उम्मीद नजर आती है। ऐलनाबाद में सबसे अधिक सक्रिय कांग्रेसियों में भरत सिंह, मा. सूबे सिंह का नाम लिया जा सकता है। युवा नेता नवीन केडिया भी अपना लाव लश्कर लेकर निकल पड़े हैं। कुछ भी हो रैली के माध्यम से कांग्रेस की कथित ताकत एक बार फिर सामने आएगी और इस चुनाव के बहाने ऐलनाबाद क्षेत्र में बहारों का आगमन होना तो निश्चित है ही। सरकारी सूत्रों की मानें तो चुनाव से पहले ऐलनाबाद को चमकाने के लिए मोटा पैसा पानी की तरह बहाया जा सकता है।
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