दिल्ली।प्रदेश में विधानसभा चुनावों को लेकर टिकटों का बंटवारा करने के लिए बनाई गई स्क्रीनिंग कमेटी अभी तक किसी निर्णय पर नहीं पहुंची है और टिकटों के बंटवारे को लेकर गतिरोध अभी भी बरकरार है। कल से लगातार जारी स्क्रीनिंग कमेटी की इस मिटिंगों कें बाद आज शाम तक किसी बात पर सहमति नहीं बन पाती है तो टिकट बंटवारे का फैसला हाई कमान अपने हाथ मे ंले लगा। टिकट को लेकर बन रही अनिश्चितता के चलते टिकट के दावेदारों के चेहरों पर पसीने टपकने लगे हैं। इस स्क्रीनिंग कमेटी का गठन बीते दिन कांग्रेस हाई कमान के आदेश पर किया गया था, जिसमें मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष फूलचंद मुलाना, वित्तमंत्री वीरेंद्र ङ्क्षसह, केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा, राव इंद्रजीत, वन, पर्यटन एवं खेल मंत्री किरण चौधरी व रणदीप सुरजेवाला को शामिल किया गया था। स्क्रीनिंग कमेटी में एक गुट सीटिंग एमएलए को ही टिकट देने की बात पर जोर दे रहा है, जबकि विरोधी गुट इस बात पर अड़ा हुआ है कि सीटिंग एमएलए और अन्य पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए नेताओं को इस बार टिकट न दी जाए। इस बात को लेकर कल शाम भी स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई थी, लेकिन कोई फैसला नहीं हो सका। मुख्यमंत्री भूपेंद्र ङ्क्षसह हुड्डा सीटिंग एमएलए को टिकट देने के मूड़ में है और उनके लिए ही कोशिश कर रहा है, जबकि विरोधी गुट में शामिल किरण चौधरी, कुमारी शैलजा, विरेंद्र ङ्क्षसह व राव इंद्रजीत सीटिंग एमएलए की जगह अपने चहेतों को टिकट देने के जुगाड़ में हैं। क्योंकि ससंदीय चुनाव में विधायकों ने विरोध किया था। इस अभी तक प्रदेश की किसी भी सीट पर सहमति नहीं बन पाई है।
भले ही कुछ सीटें ऐसी है, जिन पर कोई विवाद नहीं है, लेकिन अधिकतर सीटों पर टिकट को लेकर विवाद मचा हुआ है। बहरहाल आला कमान ने स्क्रीनिंग कमेटी को कल तक का समय दिया है। पार्टी हाई कमान ने स्क्रीनिंग कमेटी को तीन-तीन दावेदारों के नाम पैनल भेजने की बात कही है। लेकिन अभी हर सीट पर 7 से 12 लोगों के नाम हैं। यदि कल तक स्क्रीनिंग कमेटी पैनल तैयार नहीं कर पाते है तो हाईकमान टिकट वितरण का काम अपने हाथों में ले लेगी।
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